ग़ौरतलब है कि बुधवार को ट्रम्प अचानक बग़दाद के पश्चिम में स्थित सैन्य छावनी पहुंचे और अमरीकी सैनिकों से मुलाक़ात की।
इसलाह संसदीय धड़े के नेता सबाह अल-सादी ने ट्रम्प द्वारा इराक़ की संप्रभुता का उल्लंघन किए जाने पर इराकी संसद का आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग करते हुए कहा है कि ट्रम्प को अपनी सीमा समझनी चाहिए।
अल-सादी ने कहा ट्रम्प को यह नहीं भूलना चाहिए कि इराक़ पर अमरीका का क़ब्ज़ा समाप्त हो चुका है और अब इराक़ एक आज़ाद देश है।
इसलाह संसदीय बलॉक के प्रमुख इराक़ के शिया धर्मगुरु मुक़तदा सद्र हैं जो 2003 से ही इराक़ में अमरीका की उपस्थिति का कड़ा विरोध करते रहे हैं।
इराक़ के दूसरे सबसे बड़े संसदीय गठबंधन के प्रमुख हादी अल-आमेरी ने भी ट्रम्प की इराक़ यात्रा पर कड़ी आपत्ति जताई है।
अल-आमेरी ने कहा, ट्रम्प की यह यात्रा राजनयिक नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है और इराक़ी सरकार के साथ उनके शत्रुतापूर्ण व्यवहार को दर्शाता है।
ट्रम्प तीन घंटे इराक़ में ठहरे, लेकिन इराक़ी नेताओं ने उनसे मुलाक़ात करने से इनकार कर दिया, हालांकि ट्रम्प और इराक़ी प्रधान मंत्री आदिल अब्दुल मेहदी ने टेलिफ़ोन पर बातचीत की।
इराक़ी प्रधान मंत्री कार्यालय का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच मुलाक़ात के स्थान को लेकर सहमति नहीं बन सकी। क्योंकि ट्रम्प सैन्य छावनी में इराक़ी प्रधान मंत्री से मुलाक़ात करना चाहते थे, जबकि मेहदी ने उनके इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।